जुलाई 27, 2026 8:00 पूर्वाह्न

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प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं से भारत के सीमावर्ती गांवों से अपना जुड़ाव मजबूत करने का आग्रह किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं से भारत के सीमावर्ती गांवों से अपना जुड़ाव मजबूत करने का आग्रह किया है। श्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए विकसित गांवों को विकसित भारत की नींव बताया। प्रधानमंत्री ने मेरा युवा भारत (माई भारत) मंच के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में युवाओं की बढ़ती भूमिका की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के युवा न केवल विकसित भारत के प्रेरक बल हैं, बल्कि इसके सबसे बड़े लाभार्थी भी हैं। श्री मोदी ने कहा कि जब युवाओं की ऊर्जा को राष्ट्रीय चुनौतियों का सामना करने और समाधान खोजने की दिशा में लगाया जाता है, तो देश का भविष्य उज्ज्वल होता है। उन्होंने कहा कि जब युवा यथार्थ की धरातल से जुड़ते हैं, तो वे समावेशी विकास की दिशा में भारत की यात्रा को मजबूत करते हैं।

विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं को देश के सीमावर्ती गांवों का दौरा करने, उन्हें समझने और उनसे जुड़ने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली, जिसमें लगभग तीन लाख युवाओं ने प्रतियोगिता में भाग लिया। प्रतिभागियों में से 400 से अधिक युवाओं का चयन किया गया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित गांव एक विकसित भारत की नींव हैं और इस लक्ष्य को प्राप्त करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चुनौतियों का सामना करने के बावजूद सीमावर्ती गांवों के निवासियों ने हमेशा अटूट देशभक्ति की भावना बनाए रखी है। श्री मोदी ने कहा कि सरकार द्वारा सीमावर्ती गांवों को “प्रथम गांव” मानने की नीति के तहत इन क्षेत्रों में तेजी से बदलाव हो रहा है और कई गांवों को आजादी के बाद पहली बार सड़कें, बिजली और नल का पानी मिल रहा है।

इस संवाद के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपराओं में सामूहिक भागीदारी हमेशा से ही शक्ति का स्रोत रही है। उन्होंने इस बात का उल्‍लेख किया कि देश के समुदाय लंबे समय से गीत गाते हुए एक साथ काम करते आए है। इससे एकता मजबूत होती है और सामूहिक प्रयास अधिक आनंददायक और तनावमुक्त बनते हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सरकार विकास प्रक्रिया से पहले वंचित रहे लोगों को प्राथमिकता देने और सशक्त बनाने के लिए ठोस प्रयास कर रही है।

एकल यात्रा की भूमिका का उल्‍लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कई प्रतिभागियों ने अपनी यात्रा व्यक्तिगत रूप से शुरू की थी, लेकिन ‘माई भारत’ पहल के माध्यम से वे एक परिवार के रूप में वापस लौटे। उन्होंने इस परिवर्तन को कार्यक्रम की प्रमुख उपलब्धियों में से एक बताया। इस परिवर्तन ने व्यक्तिगत अनुभवों को अपनेपन और राष्ट्रीय एकता की साझा भावना में बदल दिया।

स्वतंत्र रूप से यात्रा करने वाली युवतियों का जिक्र करते हुए श्री मोदी ने कहा कि उनकी भागीदारी भारत की बेटियों के आत्मविश्वास और साहस को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रत्येक युवा, विशेषकर देश की प्रत्येक बेटी, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़े।

विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत प्रतिभागियों को भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों की सामाजिक-आर्थिक स्थितियों, सांस्कृतिक विरासत और विकास संबंधी आकांक्षाओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होता है। यह कार्यक्रम सामुदायिक भागीदारी, राष्ट्रीय एकता और सीमावर्ती गांवों के रणनीतिक महत्व के प्रति जागरूकता को भी बढ़ावा देता है। आज सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 400 से अधिक युवा प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए।

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