प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दो दिन के दौरे पर फ्रांस के एवियन शहर पहुंच गए हैं। शिखर सम्मेलन कल शुरू हुआ। एवियन पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि वे विश्व नेताओं के साथ बातचीत करने और प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने कहा कि भारत अधिक टिकाऊ और समृद्ध ग्रह के लिए सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इससे पहले श्री मोदी एवियन जाने के लिए स्विट्जरलैंड के जिनेवा पहुंचे। हवाई अड्डे पर स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन ने उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं ने सौहार्दपूर्ण अभिवादन का आदान-प्रदान किया तथा परस्पर साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। संक्षिप्त बातचीत के बाद, प्रधानमंत्री मोदी जिनेवा से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित एवियन के लिए रवाना हुए।
जी-7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी की लगातार यह सातवीं उपस्थिति है और इस मंच पर भारत की 13वीं भागीदारी है। शिखर सम्मेलन में भारत की निरंतर उपस्थिति, प्रमुख वैश्विक चुनौतियों से निपटने और शांति, सुरक्षा, सतत विकास तथा आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किए जा रहे अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में योगदान देने में उसकी बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। यह शिखर सम्मेलन भारत के लिए और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी वैश्विक मंच पर ग्लोबल साउथ की आवाज़ और चिंताओं को बुलंद कर सकते हैं।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉ आज शाम प्रधानमंत्री मोदी का औपचारिक स्वागत करेंगे। इसके बाद, श्री मोदी, नई साझेदारियाँ बनाना और अंतर्राष्ट्रीय एकजुटता का पुनर्निर्माण करना विषय पर उच्च स्तरीय कार्य सत्र में भाग लेंगे। इस सत्र में जी-7 देशों के नेता, सहयोगी देशों के नेता और विश्व बैंक तथा अफ्रीकी विकास बैंक के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल होंगे।
शिखर सम्मेलन के दौरान, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। आज रात वे राष्ट्रपति मैक्रॉ द्वारा आयोजित भव्य रात्रिभोज में शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम कल अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के साथ उनकी मुलाकात होगी। दोनों नेता विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा कर सकते हैं। वे पारस्परिक हित के महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श कर सकते हैं।