राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने वर्ष 1919 में आज के ही दिन जलियावाला बाग में शहीद होने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। राष्ट्रपति मुर्मु ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि इस घटना ने देशवासियों में नई चेतना और स्वतंत्रता के लिए दृढ़ संकल्प का संचार किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र हमेशा इन शहीदों के प्रति कृतज्ञ रहेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश भक्ति की यह भावना हर एक देशवासी में राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण और निष्ठा का संचार करेगी।
News On AIR | अप्रैल 13, 2026 12:07 अपराह्न
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री ने जलियांवाला बाग के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने भी जलियांवाला बाग के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। सोशल मीडिया पोस्ट में श्री मोदी ने कहा कि उनका बलिदान जनता के अदम्य साहस का सशक्त प्रमाण है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके द्वारा प्रदर्शित साहस और दृढ़ संकल्प आने वाली पीढ़ियों को स्वतंत्रता, न्याय और गरिमा के मूल्यों की रक्षा के लिए प्रेरित करता रहेगा।
गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया में कहा कि 1919 में इसी दिन जलियांवाला बाग में जब शांतिपूर्ण सभा में उपस्थित निहत्थे देशवासियों पर गोलियों की बौछार की गई। इस घटना से ब्रिटिश शासन का अमानवीय चेहरा उजागर हुआ। उन्होंने कहा कि इस जघन्य कृत्य ने पूरे देश को झकझोर दिया। इस घटना ने भगत सिंह और उधम सिंह जैसे क्रांतिकारियों के हृदयों में स्वतंत्रता की ज्वाला को और प्रज्वलित कर दिया। श्री शाह ने इस घटना को एक ऐतिहासिक मोड़ बताया, जिससे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में क्रांति की भावना को और अधिक गति मिली।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी 1919 में आज ही के दिन जलियांवाला बाग हत्याकांड में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सभी वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। सोशल मीडिया पोस्ट में श्री सिंह ने कहा कि उनका बलिदान भारत के स्वतंत्रता संग्राम का एक निर्णायक क्षण बना। इस घटना ने राष्ट्र की सामूहिक चेतना को जागृत किया। रक्षा मंत्री ने कहा कि उनका साहस पीढ़ियों को न्याय, गरिमा और आत्मसम्मान से जीने के लिए प्रेरित करता रहेगा।