अक्टूबर 21, 2026 1:11 अपराह्न

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कलाकारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनकी कलात्मक क्षमताओं को निखारने पर जोर दिया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कलाकारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनकी कलात्मक क्षमताओं को निखारने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि कलाकारों को अपनी कला का दायरा बढ़ाने और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। राष्ट्रपति आज नई दिल्ली में 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के पुरस्कार समारोह को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि कला  देश की संस्कृति को दर्शाती है। उन्होंने बदलते समय के अनुरूप कलाकारों को तैयार करने और विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए उन्हें अतिरिक्त मार्गदर्शन और प्रशिक्षण देने की आवश्यकता पर भी बल दिया। राष्‍ट्रपति मुर्मु ने कहा कि कलाकारों की आर्थिक प्रगति सुनिश्चित करना और उन्हें बदलते समय के अनुरूप ढालने में मदद करना सामूहिक जिम्मेदारी है।

राष्ट्रपति ने इस राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में देशभर के कलाकारों की उत्साहपूर्ण भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि महानगरों, छोटे शहरों और पूर्वोत्तर जैसे क्षेत्रों के कलाकार अपने अलग-अलग दृष्टिकोण और अनुभवों से भारतीय कला को समृद्ध कर रहे हैं। राष्‍ट्रपति ने कहा कि इस वर्ष की प्रदर्शनी में प्रस्तुत कलाकृतियों में विभिन्न विषयों और विचारों को शामिल किया गया है, जो भारतीय कला की विविधता और उसके बदलते स्वरूप को दर्शाते हैं।

श्रीमती मुर्मु ने कहा कि आज कलाकारों को केवल रचनात्मक अवसर ही नहीं, बल्कि आर्थिक सहायता, अपनी कलाकृतियों के लिए व्यापक बाजार और कला संग्रहकर्ताओं से जुड़ने के मंच भी उपलब्ध कराने की जरूरत है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से मिलकर काम करने का आग्रह किया ताकि कला, दीर्घाओं से बाहर निकलकर स्कूलों, विश्वविद्यालयों, सार्वजनिक स्थानों और समाज के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।

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