प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली की यशोभूमि में इंडिया मोबाइल कांग्रेस के दसवें संस्करण का उद्घाटन किया। इसमें दूरसंचार, डिजिटल कनेक्टिविटी और प्रौद्योगिकी नवाचार में भारत की उल्लेखनीय प्रगति को दिखाया जा रहा है। चार दिवसीय इस सम्मेलन की शुरूआत कल हुई थी। इस वर्ष का विषय है – सीमाओं से आगे विस्तार। इसके अंतर्गत डिजिटल नवाचार, अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी और प्रौद्योगिकी नीत वृद्धि में भारत की बढ़ती क्षमताओं को दिखाना है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि इंडिया मोबाइल कांग्रेस मंच ने भारत में दूरसंचार क्षेत्र और डिजिटल कनेक्टिविटी के विकास को देखा है। उन्होंने कहा कि इस मंच ने दूरसंचार क्षेत्र में भारत की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। श्री मोदी ने कहा कि इतने वर्षों में यह मंच भारत की प्रगति और उसकी आकांक्षाओं को प्रदर्शित करने वाला मंच बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री ने कहा आज 5जी कनेक्टिविटी देश के हर जिले में पहुंच चुकी है। श्री मोदी ने कहा कि भारत में 5जी कनेक्टिविटी के संचालन के लिए आज पांच लाख 50 हजार से अधिक बेस स्टेशन हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी ने शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने में सुविधा दी है। उन्होंने कहा कि आज दूरस्थ गांवों और गरीब परिवारों का हर बच्चा गुणवत्तापूर्ण ज्ञान प्राप्त कर सकता है। श्री मोदी ने कहा कि पिछले दस से 12 वर्षों में मोबाइल फोन केवल आधुनिक संचार का माध्यम ही नहीं बना बल्कि सुशासन का एक महत्वपूर्ण साधन भी बना है। उन्होंने कहा कि आज मोबाइल फोन पर सैंकडों सरकारी सेवाएं उपलब्ध हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि दूरसंचार क्षेत्र में क्रांति से देश के लोगों को फायदा हुआ है। श्री मोदी ने कहा कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के जरिए लगभग 50 लाख करोड़ रूपए सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजे गए। उन्होंने कहा कि इस उपाय से लगभग पांच लाख करोड़ रूपए की बचत हुई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार लगभग 25 करोड़ विद्यार्थियों को विभिन्न डिजिटल और ऑनलाइन शिक्षा मंचों से जोड़ने का प्रयास कर रही है। श्री मोदी ने दीक्षा प्लेटफार्म के जरिए भारत में डिजिटल शिक्षा के बढ़ते महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोविड 19 के दौरान दीक्षा के जरिए पांच करोड़ से अधिक सत्र आयोजित किए गए।
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा इस बात पर जोर दिया कि प्रौद्योगिकी न केवल सिर्फ अंतिम गांव तक बल्कि हर एक नागरिक तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी का व्यापक प्रसार तब ही हो सकता है जब वो किफायती और समावेशी हो। श्री सिंधिया ने कहा कि 2014 में एक गीगाबाइट डेटा की लागत 268 रूपए थी जबकि आज ये केवल लगभग आठ रूपए है। इससे भारत विश्व में सबसे सस्ते दाम पर डेटा देने वाले देशों में शामिल हो गया है।
श्री सिंधिया ने 5जी को विश्व में सबसे तेजी से अपनाई गई टैक्नोलॉजी बनाने में उपकरण विनिर्माताओं, दूसरसंचार ऑपरेटरों और दूरसंचार क्षेत्र के हर कर्मी की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत में आज 55 करोड़ 5जी उपभोक्ता हैं। उन्होंने कहा कि इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 भारत की क्षमआओं को दिखाएगी।
इस आयोजन में दुनिया भर के तकनीकी क्षेत्र के दिग्गजों, नीति-निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों, स्टार्टअप्स, निवेशकों और नवप्रवर्तकों को एक मंच पर लाया गया है। इसका उद्देश्य डिजिटल तंत्र में उभरते अवसरों पर चर्चा करना और उनका पता लगाना है। इस बार इंडिया मोबाइल कांग्रेस अपने क्षेत्रीय एजेंडे का विस्तार करते हुए चार नए क्षेत्रों को भी शामिल कर रहा है। इनमें स्मार्ट मोबिलिटी, स्टेडियम एक्सपीरियंस, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स और ट्रांसपोर्ट टेक्नोलॉजी शामिल हैं। इस आयोजन में 100 से अधिक देशों से डेढ़ लाख से ज्यादा प्रतिभागी, 500 से अधिक साझेदार और प्रदर्शक तथा 600 स्टार्टअप्स हिस्सा ले रहे हैं।