जुलाई 5, 2026 1:19 अपराह्न

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पीएम मोदी की इंडोनेशिया यात्रा से द्विपक्षीय सहयोग के नए अवसर खुलेंगे: भारतीय राजदूत संदीप चक्रवर्ती

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कल से शुरू होने वाली इंडोनेशिया यात्रा दोनों देशों के बीच मौजूदा संबंधों को मजबूती प्रदान करेगी और सहयोग के नए क्षेत्रों के द्वार खोलेगी। आज जकार्ता में आकाशवाणी को दिए एक साक्षात्कार में इंडोनेशिया में भारतीय राजदूत संदीप चक्रवर्ती ने कहा कि 6 से 8 जुलाई तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया के बीच सहयोग के कई नए क्षेत्र खुलेंगे और इन दोनों बड़े देशों के बीच संबंधों में मजबूती और आर्थिक जुड़ाव में वृद्धि स्पष्ट रूप से दिखाई देगी।

श्री चक्रवर्ती ने कहा कि दोनों देशों के बीच कोई नकारात्मक मुद्दे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच कोई विवाद या मतभेद नहीं है, इसलिए दोनों देश अब विकसित भारत और स्वर्णिम इंडोनेशिया की दिशा में काम करने के लिए व्यापक रणनीतिक सहयोग की तलाश में हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश भारतीय आवश्यकताओं और इंडोनेशियाई आर्थिक नीतियों के बीच तालमेल बिठाने का प्रयास कर रहे हैं।

व्यापक कार्यनीतिक साझेदारी के बारे में श्री चक्रवर्ती ने कहा कि इस साझेदारी के कई स्तंभ हैं। उनमें से एक निश्चित रूप से रक्षा और सुरक्षा है। इसके अलावा, संबंधों में आर्थिक पहलू भी अधिक महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि व्यापार 30 अरब डॉलर से अधिक है और हम अपने व्यापार आंकड़ों में सुधार लाने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि हम न केवल भारत से इंडोनेशिया में, बल्कि इंडोनेशिया से भारत में भी अधिक निवेश की उम्मीद कर रहे हैं। समुद्री पड़ोसी होने के नाते हम संपर्क और क्षमता निर्माण पर ध्यान दे रहे हैं।

इस यात्रा के बाद लाभान्वित होने वाले क्षेत्रों के बारे में राजदूत ने कहा कि रक्षा और सुरक्षा, निवेश, आर्थिक एकीकरण, अवसंरचना विकास, कुछ बंदरगाहों का विकास, बेहतर संपर्क, फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य सेवा, क्षमता निर्माण और शैक्षिक आदान-प्रदान का निश्चित रूप से सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

श्री चक्रवर्ती ने बताया कि समुद्री सुरक्षा से लेकर अंतरिक्ष सहयोग और विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी तक के क्षेत्रों में समझौते और समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र को मजबूत करने के विषय पर पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में राजदूत ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया हिंद-प्रशांत क्षेत्र की दो प्रमुख शक्तियां हैं और भारत और इंडोनेशिया के बीच अधिक सहयोग से समुद्री संचार मार्ग खुले रहेंगे। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि मलक्का जलडमरूमध्य से विश्व व्यापार का एक बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा गुजरता है और यह सुनिश्चित करने के लिए इंडोनेशिया को पूरा समर्थन प्रदान किया जाएगा कि मलक्का जलडमरूमध्य खुला रहे और उसकी वही परिणिति न हो जो होर्मुज जलडमरूमध्य की हुई थी।

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