संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी सांसदों से परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा में भाग लेने की अपील की है। श्री रिजिजू ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि युवा पीढ़ी की आवाज़ सुनने और विद्यार्थियों के भविष्य के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों को ध्यान में रखते हुए, वे सभी सांसदों से आज की चर्चा में भाग लेने की अपील करते हैं। इस विधेयक में पेपर लीक के किसी भी मामले से निपटने के लिए कड़े दंडात्मक प्रावधान हैं।
लोकसभा की कार्यसूची के अनुसार, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह सदन में विधेयक पेश करेंगे। विधेयक में सात महत्वपूर्ण संशोधन शामिल हैं। इनका उद्देश्य प्रवर्तन संबंधी खामियों को दूर करना, समर्पित न्यायिक तंत्र स्थापित करना और आपराधिक मुकदमों में तेजी लाना है। यह जांच और न्यायिक कार्यवाही दोनों के लिए सख्त समय सीमा निर्धारित करके 2024 के ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव लाने का भी प्रयास करता है। राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों को सत्र न्यायालयों को विशेष त्वरित न्यायालयों के रूप में नामित करने का अधिकार दिया जाएगा। ये विशेष रूप से अधिनियम के तहत अपराधों की सुनवाई के लिए समर्पित होंगे। विधेयक के प्रावधानों के अनुसार विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों में कार्यवाही प्रतिदिन के आधार पर संचालित की जानी चाहिए और आरोप पत्र दाखिल होने की तारीख से तीन महीने के भीतर मुकदमों को समाप्त करना अनिवार्य है।