पाकिस्तान के संघीय राजस्व बोर्ड- एफ.बी.आर ने चालू वित्त वर्ष के पहले 10 महीनों में लगभग 684 अरब रुपये के राजस्व घाटे की घोषणा की है। इससे देश की अर्थव्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। वहीं एफ.बी.आर पर लंबे समय से भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं।
इस बीच, एफ.बी.आर ने दावा किया है कि यह गिरावट मध्य पूर्व में चल रहे संघर्षों के कारण आई है। वहीं, आर्थिक विश्लेषकों का कहना है कि राजस्व लक्ष्यों को साल दर साल पूरा न कर पाने का कारण केवल बाहरी कारक ही नहीं हो सकते।