गृह मंत्री अमित शाह ने कल नई दिल्ली में भूमि बंदरगाह प्रबंधन प्रणाली- – विनिमय का उद्घाटन किया। यह भारत की भूमि सीमाओं पर माल प्रसंस्करण और यात्री आवागमन को डिजिटल और सुचारू बनानेकी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। श्री शाह ने कहा कि यह पहल आधुनिक, प्रौद्योगिकी-आधारित सीमा प्रबंधन प्रणाली के निर्माण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह मंच विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप है और व्यापार सुविधा, संपर्क और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगा।
श्री शाह ने कहा कि गृह मंत्रालय स्मार्ट बॉर्डर अवधारणा के तहत भारत की सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए चार-सूत्री रणनीति पर काम कर रहा है और भूमि बंदरगाह प्राधिकरण इस विजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि बंदरगाह प्रबंधन प्रणाली और स्मार्ट बॉर्डर मिलकर एक अधिक सुरक्षित और आधुनिक सीमा प्रबंधन ढांचा बनाने और एक मजबूत सीमा सुरक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने में मदद करेंगे।
श्री शाह ने कहा कि भूमि बंदरगाह प्रबंधन प्रणाली को आधुनिक, डिजिटल, एकीकृत और वास्तविक समय प्रबंधन मंच के रूप में डिजाइन किया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली से लगभग 90 प्रतिशत कागजी कार्रवाई समाप्त हो जाएगी, जबकि सिंगल इलेक्ट्रॉनिक विंडो और स्वचालित नंबर प्लेट पहचान आधारित गेट संचालन से प्रसंस्करण समय में काफी कमी आएगी।
गृहमंत्री ने कहा कि भूमि बंदरगाहों के माध्यम से व्यापार 2014 में 5 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर वर्तमान में 83 हजार करोड़ रुपये हो गया है, जो 16 गुना वृद्धि दर्शाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश भर में 15 भूमि बंदरगाह कार्यरत हैं और अगले दो से तीन वर्षों में 11 और भूमि बंदरगाहों के शुरू होने की उम्मीद है।
मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। श्री शाह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठे हैं, जबकि 80 करोड़ से अधिक लोगों को विभिन्न कल्याणकारी उपायों के तहत मुफ्त अनाज मिल रहा है।
भूमि बंदरगाह प्रबंधन प्रणाली- विनिमय, एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसे सभी बंदरगाहों के संचालन को एक एकीकृत इकोसिस्टम में लाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।