राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने भारत में मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों पर अपनी सिफारिशों से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट गृह मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय को सौंप दी है।
यह रिपोर्ट व्यापक विचार-विमर्श के बाद तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य देशभर में मुस्लिम महिलाओं के कानूनी, सामाजिक और संवैधानिक अधिकारों को मजबूत करना है। आयोग ने कहा कि हाल के कानूनी सुधारों से महिलाओं के अधिकारों को मजबूती मिली है, लेकिन कानूनी जागरूकता और न्याय तक पहुंच को और बेहतर बनाने की आवश्यकता है।
रिपोर्ट में विवाह, तलाक, भरण-पोषण, बच्चों की देखरेख और संपत्ति में अधिकार जैसे मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया है। इसमें मुस्लिम महिलाओं से जुड़े विभिन्न कानूनों की भी समीक्षा की गई।
इनमें मुस्लिम पर्सनल लॉ- शरिया अनुप्रयोग अधिनियम, 1937, मुस्लिम विवाह विच्छेद अधिनियम, 1939, मुस्लिम महिला तलाक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1986 और मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम, 2019 शामिल हैं।