राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल राष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग को सशक्त बनाने, ऊर्जा स्थिरता सुनिश्चित करने और क्षेत्रीय घटनाक्रमों की समीक्षा करने के उद्देश्य से कल उच्चस्तरीय वार्ता के लिए रियाद पहुंचे। ईरान संघर्ष से जुड़े तनाव से पश्चिम एशिया के प्रभावित होने के कारण राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की यह यात्रा हुई है।
सऊदी अरब में भारत के राजदूत डॉ. सुहेल एजाज खान और सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय में राजनीतिक मामलों के उप मंत्री डॉ. सऊद अल-साती ने किंग खालिद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर श्री डोभाल का स्वागत किया।
इस यात्रा के दौरान श्री डोभाल सउदी अरब के ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअज़ीज़ बिन सलमान, विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डॉ. मुसाद बिन मोहम्मद अल-आइबान के साथ बैठक की।
सउदी के अधिकारियों ने बताया कि ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअज़ीज़ बिन सलमान के साथ हुई बैठक में ऊर्जा क्षेत्र और वैश्विक आपूर्ति की स्थिरता को समर्थन देने में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय अनिश्चितता के बीच ऊर्जा सुरक्षा को सशक्त करने और तेल के विश्वसनीय प्रवाह को बनाए रखने के प्रयासों पर चर्चा की।
ईरान संघर्ष 2026 के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर बढ़ी चिंताओं के बीच यह यात्रा हो रही है। अमरीका और इस्राएल के हमलों तथा एक कमजोर संघर्ष विराम ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग होर्मुज जल-डमरू-मध्य के जरिए तेल और गैस की खेप के बाधित होने की आशंकाओं को बढ़ा दिया।
विश्व के सबसे बड़े कच्चे तेल आयातकों में से एक भारत सउदी से होने वाली आपूर्तियों पर काफी निर्भर है। बैठक में सुरक्षा सहयोग के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने आतंकवाद से मुकाबले पर समन्वय और खुफिया जानकारी को साझा किए जाने पर समीक्षा की।
अधिकारियों ने गजा और पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के व्यापक प्रयासों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। यह भारत-सउदी के प्रगाढ़ होते संबंधों का परिचायक है।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच द्विपक्षीय संबंधों को सशक्त बनाने और प्रगाढ़ होते ऊर्जा सहयोग पर केंद्रित सउदी के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ कई उच्चस्तरीय बैठक की। यह यात्रा बदलते भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच भारत और सउदी अरब के बीच लगातार बढ़ती कार्यनीतिक साझेदारी को दर्शाती है।
रियाद में भारतीय दूतावास के एक वक्तव्य में कहा गया कि इस चर्चा में द्विपक्षीय सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं और परस्पर हित के अन्य मुद्दों सहित कई व्यापक मुद्दों को शामिल किया गया। इस यात्रा के दौरान श्री डोभाल ने ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअज़ीज़ बिन सलमान, विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डॉ. मुसाद बिन मोहम्मद अल-आइबान सहित सउदी के कई प्रमुख नेताओं के साथ बैठक की। यह यात्रा वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर भारत की कई राजनयिक गतिविधियों के बाद हुई है।