दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य को प्रवर्तन निदेशालय की याचिका पर जवाब देने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है। इस याचिका में निचली अदालत के नेशनल हेराल्ड धनशोधन मामले में उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय के आरोप पत्र पर संज्ञान लेने से इनकार करने के आदेश को चुनौती दी गई है। न्यायमूर्ति मनोज जैन ने मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को निर्धारित की है।
इससे पहले पिछले साल 22 दिसंबर को उच्च न्यायालय ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य को मुख्य याचिका के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय के 16 दिसंबर के निचली अदालत के आदेश पर रोक लगाने की मांग करने के आवेदन पर भी नोटिस जारी किया था। निचली अदालत ने कहा था कि इस मामले में निदेशालय की शिकायत पर संज्ञान लेना कानूनन अनुचित नहीं है। क्योंकि यह एफआईआर पर आधारित नहीं है।
प्रवर्तन निदेशालय ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ-साथ दिवंगत कांग्रेस नेताओं मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीस, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और एक निजी कंपनी यंग इंडियन पर साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया है। आरोप है कि उन्होंने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड की लगभग दो हजार करोड़ रुपये की संपत्तियां हासिल कीं।