राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) ने भारत की पहुंच और लाभ साझाकरण (एबीएस) ढांचे के कार्यान्वयन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इसके अंतर्गत कुल एबीएस वितरण 200 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने बताया कि एनबीए ने चार प्रमुख सब्जी फसलों के उपयोग से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वितरित किए जाने वाले पहुंच और लाभ साझाकरण के तहत 8 करोड़ 23 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। ये फसलें करेला, भिंडी, मिर्च और प्याज हैं।
मंत्रालय ने बताया कि वितरण कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रकाशित खेती योग्य क्षेत्र के आधार पर किया जा रहा है। इस दृष्टिकोण से एबीएस की राशि उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तक पहुंचाई जा सकेगी जो संबंधित जैविक संसाधनों की खेती से जुड़े हैं, जहां व्यक्तिगत प्रदाताओं या स्रोत समुदायों की प्रत्यक्ष पहचान संभव नहीं है।
मंत्रालय ने बताया कि एबीएस की राशि प्राप्त करने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सबसे बड़े संचयी प्राप्तकर्ता बनकर उभरे हैं। मंत्रालय ने कहा कि यह राशि वितरण भारत के उन प्रयासों में एक और महत्वपूर्ण कदम होगा। इसके अंतर्गत जैविक संसाधनों के उपयोग से प्राप्त लाभों को जैव विविधता संरक्षण और उससे संबंधित समुदाय-उन्मुख गतिविधियों की ओर निर्देशित किया जाएगा।