विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि नैनोमेडिसिन, सटीक और व्यक्तिगत स्वास्थ्य सेवा की अगली पीढ़ी को आगे बढ़ाएगी। नई दिल्ली में आज विश्व नैनोमेडिसिन कांग्रेस-2026 के उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा कि जैव प्रौद्योगिकी विभाग नैनोमेडिसिन के क्षेत्र में 210 अनुसंधान और विकास परियोजनाओं को 174 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दे रहा है।
डॉ. सिंह ने नैनोमेडिसिन को चिकित्सा क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि नैनो स्तर पर काम करने वाली यह तकनीक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सटीक और व्यक्ति की जरूरत के अनुरूप बनाने में मदद कर सकती है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत चिकित्सा के इस अपेक्षाकृत नए क्षेत्र में पहले से ही काम कर रहा है। देश के पास भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं के समाधान विकसित करने की वैज्ञानिक और संस्थागत क्षमता है। उन्होंने कहा कि देश में बढ़ता अनुसंधान आधार, सरकारी सहयोग और उद्योगों की बढ़ती भागीदारी भारत को उभरती तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ स्वयं के समाधान विकसित करने में भी सक्षम बनाएगी।
विश्व नैनोमेडिसिन कांग्रेस का आयोजन इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ नैनो मेडिकल साइंसेज और इंटरनेशनल सोसायटी फॉर नैनोमेडिसिन के सहयोग से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और उद्योग जगत को नैनोमेडिसिन के क्षेत्र में ज्ञान साझा करने, सहयोग बढ़ाने और नई तकनीकों पर चर्चा के लिए मंच प्रदान करना है।