अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आज भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक के नेतृत्व में गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी में 108 स्तूपों के प्रतिष्ठा समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व किया। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने कहा कि श्री रिजिजू की भागीदारी भारत और भूटान की साझा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत तथा दोनों देशों की पुरानी मित्रता को दर्शाती है।
108 स्तूपों की यह परियोजना भूटान के राजा की परिकल्पना थी और उन्होंने ही इसके निर्माण कार्य का नेतृत्व किया। असम की सीमा के पास गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी में एई नदी के किनारे 11 दशमलव 7 किलोमीटर के क्षेत्र में एक ही दिन में हजारों स्वयंसेवकों ने 108 स्तूपों का निर्माण किया। प्रत्येक स्तूप की ऊंचाई 15 मीटर है और उनके बीच 108 मीटर की दूरी है। समारोह के दौरान भूटान के राजा प्रधानमंत्री और श्री रिजिजू ने 76वें स्तूप पर प्रार्थना की। यह स्तूप भूटान के राजा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को समर्पित किया है। यह सम्मान गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी के प्रति श्री मोदी की प्रतिबद्धता और निरंतर सहयोग के लिए दिया गया है। श्री रिजिजू ने इस विशेष सम्मान के लिए प्रधानमंत्री की ओर से आभार व्यक्त किया।
दोनों पक्षों ने भारत और भूटान के बीच घनिष्ठ संबंधों और विकास साझेदारी, व्यापार, ऊर्जा, निवेश, संपर्क तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्रों में सहयोग की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। श्री रिजिजू ने गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी के विकास में भारत का समर्थन दोहराया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना भूटान के साथ-साथ भारत के पड़ोसी क्षेत्रों के विकास को भी बढ़ावा दे सकती है।