बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के अनुसार, कल सुबह आठ बजे तक के 24 घंटों में सात और बच्चों की मौत के बाद खसरे से मृतकों की संख्या बढ़कर 601 हो गई है। इनमें 90 मौतों की पुष्टि खसरे से हुई है, जबकि 511 मौतों को संदिग्ध खसरा मामलों के रूप में दर्ज किया गया है। इस अवधि में खसरे के एक हजार 210 नए संदिग्ध मामले सामने आए, जबकि 55 मामलों की प्रयोगशाला जांच में पुष्टि हुई है।
मार्च के मध्य से अब तक देश में खसरे के 74 हजार 572 संदिग्ध और नौ हजार 191 पुष्ट मामले दर्ज किए जा चुके हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, 15 मार्च से अब तक 60 हजार से अधिक संदिग्ध मरीज अस्पतालों में भर्ती हुए हैं, जिनमें से लगभग 56 हजार मरीज उपचार के बाद स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।
जनस्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉक्टर एम. मुश्ताक हुसैन ने कहा है कि केवल अस्पतालों और गहन चिकित्सा पर निर्भर रहने से मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी नहीं आएगी। उन्होंने मरीजों को समय पर अलग रखने, ऑक्सीजन उपलब्ध कराने और बेहतर पोषण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि टीकाकरण अभियान के बावजूद संक्रमण दर में अपेक्षित कमी नहीं आई है और छूटे हुए बच्चों तक पहुंचने के लिए घर-घर जाकर टीकाकरण अभियान चलाने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि टीकाकरण में कमी और देरी के कारण यह प्रकोप हाल के वर्षों में बांग्लादेश के सबसे गंभीर स्वास्थ्य संकटों में से एक बन गया है।