दिल्ली को आज ही के दिन वर्ष 1956 में केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिला था। इस अवसर पर दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू औऱ मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी निवासियों को शुभकामनाएँ दी। सोशल मीडिया पोस्ट में श्री संधू ने कहा कि प्राचीन विरासत से लेकर जीवंत और मिली-जुली संस्कृति तक, दिल्ली एक एकजुट भारत की भावना को दर्शाती है। उपराज्यपाल ने आह्वान करते हुए कहा कि सभी मिलकर एक ‘विकसित दिल्ली’ के निर्माण की दिशा में काम करें। एक ऐसी विश्व-स्तरीय राजधानी, जिसमें आधुनिक विकास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का बेहतरीन संगम हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली की अपनी एक खुशबू है, अपना एक मिजाज़ है। उन्होंने कहा कि इंद्रप्रस्थ की गौरवगाथा से आधुनिक भारत के स्वाभिमान तक, दिल्ली युगों की साक्षी है, इतिहास की धरोहर है और भविष्य की अनंत संभावनाओं का आंगन है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र का गौरव गूंजता है, तो कर्तव्य पथ पर स्वतंत्र भारत का आत्मविश्वास झलकता है। किसी का बचपन यहां बीता है, किसी के सपनों ने यहां पहली उड़ान भरी है। कोई पीढ़ियों से यहां बसा है, तो कोई दूर से आकर यहीं का हो गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का संकल्प है कि दिल्ली की सदियों पुरानी पहचान भी अक्षुण्ण रहे और उसका भविष्य भी भव्य बने।