इस्राएल और हिज़्बुल्लाह के बीच अमरीका की मध्यस्थता से हुए संघर्ष विराम पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। समझौते के बाद क्षेत्र में तनाव कम होने की संभावना थी, लेकिन हाल के सैन्य उल्लंघनों से इसकी स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
लेबनान के अधिकारियों ने कहा है कि हिज़्बुल्लाह ने अमरीका के उस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है जिसके अंतर्गत वह इस्राएल पर हमले बंद कर देगा। हालांकि, यह समझौता व्यापक संघर्ष विराम नहीं है। दक्षिणी लेबनान के कुछ हिस्सों में हमले अब भी जारी हैं।
अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने इस समझौते को इस्राएल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू और हिज़्बुल्लाह से संपर्क के बाद सभी प्रकार की गोलीबारी रोकने का समझौता बताया है। इस्राएल के अधिकारियों ने कहा है कि अगर हिज़्बुल्लाह के हमले जारी रहे तो सैन्य अभियान फिर से शुरू हो सकता है।
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतरश ने लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन को बढ़ाने की बात की है।