मुम्बई में ईरान के महावाणिज्य दूत सईद रजा मोसायब मोत्लाग ने कहा है कि भारत, चीन और रूस जैसी वैश्विक महाशक्तियां बढ़ते तनाव के बीच शांति बहाल करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने विशेष रूप से, राजनयिक दृष्टिकोण और सैन्य टकराव से बचने की प्रतिबद्धता के लिए, भारत की सराहना की।
मीडिया से बातचीत में श्री मोत्लाग ने कहा कि इन देशों ने अमरीका की हाल की कार्रवाई का समर्थन नहीं किया है। उन्होंने अमरीका और इस्राएल पर हिंसा को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। श्री मोत्लाग ने चेतावनी दी कि इस तरह की कार्रवाई से संघर्ष और वैश्विक अस्थिरता बढ़ेगी।
उन्होंने परमाणु हथियारों पर दोहरा मानदण्ड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि परमाणु हथियार सम्पन्न देश अन्य देशों पर ऐसा नहीं करने का दवाब बना रहे हैं। पाकिस्तान में हाल की शांति वार्ता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शर्तों को नहीं मानने के कारण ही वार्ता विफल हुई।
इस बीच, भारत ने ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने भारत सरकार और यहां के लोगों को उनकी एकजुटता के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने अयातुल्ला अली खमेनेई के मारे जाने के चालीस दिन पर आयोजित कार्यक्रम में भारतीय नेताओं और अधिकारियों की उपस्थिति के लिए भी आभार प्रकट किया।