विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि नीतिगत समर्थन, तकनीकी नवाचार और उद्योग जगत की संतुलित भागीदारी से भारत स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। नई दिल्ली में आज विश्व पेट्रोकोल कांग्रेस के साथ आयोजित विश्व हाइड्रोजन ऊर्जा शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही। डॉ० जितेन्द्र सिंह ने बताया कि देश हरित हाइड्रोजन को बढ़ावा देने, परमाणु ऊर्जा क्षमता का विस्तार करने और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को मजबूत करने के साथ ही महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों में स्वदेशी क्षमता विकसित कर रहा है। स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन पर डॉ. सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन से भारत वैकल्पिक ईंधन पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने वाले अग्रणी देशों में शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि इस्पात और सीमेंट जैसे क्षेत्रों में कार्बन उत्सर्जन कम करने में हरित हाइड्रोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। केन्द्रीय मंत्री ने भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम की प्रगति के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हाल ही में घोषित परमाणु ऊर्जा मिशन का लक्ष्य 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करना है।
News On AIR | अप्रैल 16, 2026 8:17 अपराह्न
स्वच्छ ऊर्जा में भारत की वैश्विक स्थिति मजबूत: केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह