मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में चीता पुनर्वास कार्यक्रम के अंतर्गत 4 शावकों के जन्म के साथ देश में चीतों की संख्या बढ़कर 56 हो गई है। ये शावक भारत में जन्मी मादा चीता केजीपी-12 के हैं। यह परियोजना के चार साल पूरे होने के ठीक एक दिन बाद हुआ है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने इसे भारत में चीता संरक्षण के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से कुनो और प्रोजेक्ट चीता की टीम को बधाई दी।
कुनो राष्ट्रीय उद्यान में अब 53 चीते हैं, जबकि मध्य प्रदेश के गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में तीन चीते रखे गए हैं। भारत में जन्मे चीतों की संख्या बढ़कर 36 हो गई है। केजीपी-12 का जन्म वर्ष 2024 में भारत में हुआ था। उसकी मां गामिनी को फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से भारत लाया गया था। प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत 17 सितंबर 2022 को हुई थी। उस दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नामीबिया से लाए गए आठ चीतों को कुनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ा था। इसके बाद वर्ष 2023 में दक्षिण अफ्रीका और वर्ष 2026 में बोत्सवाना से भी चीते भारत लाए गए।