एशियाई खेलों के लिए भारतीय दल को कल नई दिल्ली में शानदार विदाई दी गई। इस अवसर पर युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया उपस्थित रहे। डॉ. मांडविया ने भारतीय ओलिम्पिक संघ की अध्यक्ष पी.टी. उषा, खेल सचिव हरि रंजन राव और भारतीय दल के प्रमुख सहदेव यादव के साथ मिलकर खिलाड़ियों और सहयोगी सदस्यों की उपस्थिति में आधिकारिक जर्सी का अनावरण किया।
इस अवसर पर डॉ. मांडविया ने भारतीय खिलाड़ियों से दबाव को बेहतर प्रदर्शन में बदलने, विरोधियों को अवसर के रूप में देखने और अवसरों को उपलब्धियों में बदलने का आग्रह किया। भारतीय खेलों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने खिलाड़ियों के लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के नए अवसर और मार्ग खोले हैं। खेल मंत्री ने कहा कि 503 सदस्यों वाले दल में 300 से अधिक खिलाड़ी एशियाई खेलों में पहली बार भाग ले रहे हैं।
ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के प्रदर्शन की सराहना करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने 13 स्वर्ण पदक जीते थे और इस बार पदकों की संख्या में 35% से अधिक का सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि 2036 तक भारत को विश्व खेल मंच पर मजबूती से स्थापित करने का लक्ष्य है, जब देश ओलिम्पिक खेलों की मेजबानी करने की उम्मीद कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस दस-वर्षीय योजना में खेल संबंधी बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन किया गया है।
एशियाई खेल जापान में इसी महीने आयोजित किए जाएंगे।