मई 20, 2026 7:34 अपराह्न

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वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद विश्व में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा भारत

ईरान संघर्ष के कारण वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद, संयुक्त राष्ट्र द्वारा इस वर्ष भारत की वृद्धि दर 6 दशमलव 4 प्रतिशत होने का अनुमान लगाया गया है, जिससे वह विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा। संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अर्थशास्त्री इंगो पिटर्ले ने विश्व आर्थिक स्थिति और संभावना रिपोर्ट के मध्य-वर्ष के अद्यतन पर संवाददाताओं को जानकारी देते हुए कहा कि भारत की मजबूत उपभोक्ता मांग, सार्वजनिक निवेश और सेवा निर्यात में वृद्धि, इसकी अर्थव्यवस्था को सहारा दे रही है। हालांकि रिपोर्ट में भारत के सकल घरेलू उत्पाद के पूर्वानुमान को 6 दशमलव 6 प्रतिशत से घटाकर 6 दशमलव 4 प्रतिशत कर दिया गया है, लेकिन अगले वर्ष वृद्धि में तेजी आने की उम्मीद है।

संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक विश्लेषण और नीति प्रभाग के निदेशक शांतनु मुखर्जी ने भारत की विविध अर्थव्यवस्था, संरचनात्मक सुधारों और बेहतर कर राजस्व को प्रमुख ताकत के रूप में उजागर किया। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत के विविध ऊर्जा स्रोत, मजबूत शोधन क्षमता, विशाल विदेशी मुद्रा भंडार तथा राजकोषीय लचीलापन, मध्य पूर्व में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के कारण तेल की बढ़ती कीमतों के प्रभाव को कम करने में सहायक हो सकते हैं।

भारत के बाद, सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था चीन है, जिसने इस वर्ष 4 दशमलव 6 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की है, जो अगले वर्ष घटकर 4 दशमलव 5 प्रतिशत हो जाएगी। रिपोर्ट में वैश्विक वृद्धि दर को भी घटाकर 2 दशमलव 5 प्रतिशत कर दिया गया है, जो ईरान युद्ध से पहले जनवरी में किए गए अनुमान से 0 दशमलव 2 प्रतिशत अंक कम है।

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