भारत ने अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) के उस प्रस्ताव का स्वागत किया है, जिसमें सरकारों, नियामकों, दूरसंचार कंपनियों और तकनीकी कंपनियों को शामिल करके संयुक्त परीक्षण करने की बात कही गई है। भारत ने इसमें सहयोग देने की भी सहमति जताई है।
संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस के दौरान आयोजित आईटीयू की एक बैठक में यह बात कही। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने 100 करोड़ से अधिक लोगों को कनेक्टिविटी से जोड़ा है। अब चुनौती इस कनेक्टिविटी को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है।
उन्होंने फर्जी संचार पर रोक लगाने के लिए भारत की पांच स्तरीय रणनीति का भी जिक्र किया। इसमें फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल को तुरंत रोकना, सी-डॉट के एआई आधारित एएसटीआर टूल से फर्जी मोबाइल कनेक्शन की पहचान करना, संचार साथी के जरिए लोगों की भागीदारी बढ़ाना और डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म के माध्यम से जानकारी साझा करना शामिल है।
मंत्री ने बताया कि एएसटीआर की मदद से 82 लाख से अधिक फर्जी मोबाइल कनेक्शन बंद किए जा चुके हैं, जबकि संचार साथी ऐप को करीब दो करोड़ पचास लाख बार डाउनलोड किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक ने पिछले 15 महीनों में 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक के संभावित वित्तीय नुकसान को रोकने में मदद की है।