अक्टूबर 14, 2026 8:43 अपराह्न

printer

भारत किसानों की आजीविका में सुधार करते हुए वैश्विक खाद्य भण्‍डार बनने की ओर अग्रसर है: कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान

कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत किसानों की आजीविका में सुधार करते हुए वैश्विक खाद्य भण्‍डार बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने यह बात आज दिल्ली में आयोजित एग्रीविजन के 10वें राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। श्री चौहान ने बताया कि 2014 से 2024 के बीच खाद्य उत्पादन में 49 प्रतिशत की वृद्धि के साथ, भारतीय कृषि ने कमी के दौर से निकलकर आत्मनिर्भरता और रिकॉर्ड उत्पादन की ओर कदम बढ़ाया है और विश्व का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश बन गया है।

सम्मेलन के दौरान श्री चौहान ने किसानों की आय और आर्थिक सुरक्षा बढ़ाने के लिए कृषि में विविधता लाने पर भी जोर दिया। उन्होंने किसानों को केवल अनाज की खेती पर निर्भर रहने के बजाय कई कृषि गतिविधियों को एकीकृत करने के लिए प्रोत्साहित किया। खाद्यान्न उत्पादन के साथ-साथ बागवानी, औषधीय पौधे, पशुपालन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन और प्राकृतिक खेती को शामिल करके किसान अपनी आय के स्रोतों में विविधता ला सकते हैं। श्री चौहान ने कृषि को आधुनिक बनाने, दक्षता में सुधार करने और उत्पादकता बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स को अपनाने पर भी बल दिया।

सम्मेलन में कृषि मंत्री ने एग्रीविजन के 10 वर्षों के सफर को दर्शाने वाली एक विशेष पुस्तिका का विमोचन भी किया। देश भर से बड़ी संख्या में कृषि वैज्ञानिक, शोधकर्ता और विद्यार्थी सम्मेलन में शामिल हुए।

उन्होंने उचित मानकों के बिना चल रहे और फर्जी डिग्रियां जारी कर रहे निजी कृषि कॉलेजों की बढ़ती संख्या के समकालीन मुद्दों पर बात करते हुए कहा कि इन पर लगाम लगाने के लिए एक कृषि परिषद का गठन किया जाएगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि कृषि विद्यार्थियों की डिग्रियां व्यर्थ नहीं जाने दी जाएंगी। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सरकार कृषि शिक्षा में गुणवत्ता सुनिश्चित करने और विद्यार्थियों के भविष्य की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

सर्वाधिक पठित
सम्पूर्ण जानकारी arrow-right

कोई पोस्ट नहीं मिला