सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि नवाचार, गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धी कीमतों के बल पर भारत विश्व की नंबर एक ऑटोमोबाइल उद्योग बनने की क्षमता है। उन्होंने नई दिल्ली में सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स एसआईएएम के 66वें वार्षिक सम्मेलन को संबोधित किया। श्री गडकरी ने कहा कि वर्तमान में 22.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का यह क्षेत्र देश के जीएसटी संग्रह में लगभग 15 प्रतिशत का योगदान देता है। इससे लगभग चार करोड़ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगारों का सृजन होता है। उन्होंने कहा कि 2025-26 के दौरान भारत के ऑटोमोबाइल निर्यात में 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई। केंद्रीय मंत्री ने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि देश की आर्थिक वृद्धि में इस उद्योग का योगदान लगातार बढ़ता रहेगा।
उन्होंने भारत नई कार मूल्यांकन कार्यक्रम – एनसीएपी को एक बड़ी सफलता बताया। श्री गडकरी ने कहा कि 11 कंपनियों के 30 से अधिक वाहन मॉडल पहले ही प्रमाणित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम ने परीक्षण लागत को काफी कम कर दिया है। साथ ही वैश्विक बाजारों में भारतीय वाहनों की विश्वसनीयता को मजबूत किया है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि भारत एनसीएपी 2.0 अक्टूबर 2027 से प्रभावी होगा। जिसमें दुर्घटना से बचाव, पैदल यात्री सुरक्षा और दुर्घटना के बाद निकासी सहित उन्नत सुरक्षा मानक शामिल होंगे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ग्रेडेड पॉइंट सिस्टम शुरू करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत, बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकता है, जबकि जिम्मेदार चालकों को बीमा और अन्य प्रोत्साहन मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि चालक प्रशिक्षण, ड्राइविंग प्रशिक्षण, वाहन फिटनेस और स्क्रैपिंग केंद्र भी स्थापित किए जाएगें। मंत्री ने बसों के लिए सख्त सुरक्षा मानदंडों की भी घोषणा की। उन्होंने आगे कहा कि निर्माताओं को सहयोग देने के लिए परीक्षण शुल्क कम कर दिए गए हैं और अनुमोदन की समय सीमा कम कर दी गई है।
स्वच्छ परिवहन के विषय पर श्री गडकरी ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए हाल ही में शुरू की गई परिवर्तन योजना पर प्रकाश डाला। इस योजना का उद्देश्य पुराने वाणिज्यिक वाहनों को भारत स्टेज -छह (BS-VI) और इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलना है। इसके लिए सड़क कर माफी, पंजीकरण शुल्क में छूट और ऋण सहायता जैसे प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना से दो लाख से अधिक पुराने ट्रकों और बसों को स्क्रैप करने में मदद मिलेगी और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वाहन स्क्रैपिंग प्रणाली को मजबूती मिलेगी।