भारत और घाना ने वैज्ञानिक अनुसंधान, अकादमिक क्षेत्र, क्षमता निर्माण, कृषि अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने के लिए दो समझौतों -एमओयू पर हस्ताक्षर किए। ये समझौते विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की घाना यात्रा के दौरान हुए। दोनों देश दक्षिण- दक्षिण सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
डॉ. जयशंकर ने घाना के विदेश मंत्री सैम ओकुडजेटो अबलाक्वा के साथ समझौतों का आदान-प्रदान किया। सोशल मीडिया पोस्ट में डॉ. जयशंकर ने बताया कि एक समझौते के तहत भारतीय प्राणी सर्वेक्षण और घाना विश्वविद्यालय के बीच अकादमिक क्षेत्र, वैज्ञानिक अनुसंधान और क्षमता निर्माण में सहयोग किया जाएगा। दूसरे समझौते में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और घाना के सीएसआईआर-क्रॉप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट के बीच कृषि अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग का प्रावधान है।
इससे पहले डॉ. जयशंकर और अबलाक्वा के बीच भारत-घाना व्यापक साझेदारी को मजबूत करने पर व्यापक चर्चा हुई। दोनों मंत्रियों ने व्यापार, निवेश, विकास, औषधि, क्षमता निर्माण, रक्षा, प्रौद्योगिकी और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने और अफ्रीकी संघ तथा पश्चिमी अफ्रीकी राज्यों के आर्थिक समुदाय-इकोवास के साथ भारत के सहयोग को और बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श किया।
डॉ. जयशंकर ने इससे पहले दिन घाना के राष्ट्रपति जॉन द्रामानी महामा से मुलाकात की। विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर कल से इस महीने की 10 तारीख तक घाना, कोट द’ईवोआर और इथियोपिया की तीन देशों की यात्रा पर हैं। यात्रा के दौरान वे अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे और तीनों देशों के नेतृत्व से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग की समीक्षा तथा उन्हें और मजबूत करने पर चर्चा करेंगे।