भारत ने आज सऊदी अरब के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए पश्चिम एशिया के देशों में हुए हमलों की कड़ी निंदा की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको के मुख्यालय पर हमले को लेकर कहा कि भारत नागरिक बुनियादी ढांचे पर ऐसे सभी हमलों की निंदा करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और तुरंत बंद होने चाहिए। श्री जायसवाल ने कहा कि भारत, सऊदी अरब के लोगों और सरकार के साथ एकजुटता से खड़ा है। आशा है कि क्षेत्र में शांति और सामान्य स्थिति बहाल होगी।
सऊदी अरब में प्रवासी भारतीयों की स्थिति के बारे में श्री जायसवाल ने कहा कि रियाद स्थित भारतीय दूतावास भारतीय समुदाय के लोगों के साथ नियमित संपर्क में है और परामर्श भी जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि रियाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमले के बाद निर्धारित उड़ानों में व्यवधान आया है। प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय एयरलाइंस भी प्रभावित हुई हैं, हालांकि सऊदी एयरलाइंस की कई उड़ानें भारत और सऊदी अरब के बीच जारी हैं।
भारत-ईरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार वार्ता के बारे में प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल ने सोमवार को अपने ईरानी समकक्ष डॉ. मोहसिन रेज़ाई से बात की। इस दौरान द्विपक्षीय मुद्दों, क्षेत्रीय स्थिति और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि भारतीय नाविकों और भारतीय टैंकरों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।
राजधानी दिल्ली की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय – ओ.एच.सी.एच.आर की हाल की टिप्पणियों को श्री जायसवाल ने निराधार और अस्वीकार्य बताया। प्रवक्ता ने इसकी आलोचना करते हुए कहा कि ओ.एच.सी.एच.आर ने दुनिया के अन्य हिस्सों में विरोध प्रदर्शनों या कानून प्रवर्तन कार्रवाइयों पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। प्रवक्ता ने आगाह किया कि इस तरह की टिप्पणियों से बहुपक्षवाद में विश्वास कमजोर होगा और एक संगठन के रूप में उनकी विश्वसनीयता कम होगी।