प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि भारत एक ऐसे हिंद महासागर की परिकल्पना करता है जहां समुद्री सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक समृद्धि भी सुनिश्चित हो और जहां साझेदारी आकार पर नहीं बल्कि परस्पर सम्मान और विश्वास पर आधारित हो। उन्होंने कहा कि भारत का दृष्टिकोण हिंद महासागर को संभावनाओं का सागर बनाना है।
श्री मोदी, विक्टोरिया में सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हरमाइनी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा की और पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और सेशेल्स की रक्षा और सुरक्षा एक दूसरे से जुडी हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि हिंद महासागर एक साझा घर है और इसकी सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि एक साझा जिम्मेदारी है।
श्री मोदी ने कहा कि भारत डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना में अपने अनुभव को सेशेल्स के साथ साझा करेगा। उन्होंने कहा कि दोनों देश अपने उद्योगों के लिए नई संभावनाओं की तलाश जारी रखेंगे।
दोनों पक्षों ने कृषि, वित्त, अंतरिक्ष और स्वास्थ्य सहित कई क्षेत्रों में समझौतों का आदान-प्रदान किया। प्रधानमंत्री ने सेशेल्स में यूपीआई भुगतान प्रणाली लागू करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत-सेशेल्स की साझेदारी समय की कसौटी पर खरी उतरी है।
सेशेल्स के राष्ट्रपति हरमाइनी ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा द्विपक्षीय संबंधों में महत्वपूर्ण बनी हुई है। दोनों देशों ने समुद्री डकैती, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध मछली पकड़ने और सीमा पार अपराध का मुकाबला करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
प्रधानमंत्री मोदी को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास में नेतृत्व के लिए सेशेल्स के सर्वोच्च सम्मान- गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन से सम्मानित किया गया है। सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हरमाइनी ने प्रधानमंत्री मोदी को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को उनके नेतृत्व, विकासशील देशों के हितों को बढ़ाने के प्रयासों और छोटे विकासशील द्वीप देशों की विकास आकांक्षाओं को बढ़ावा देने के प्रति उनकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के लिए दिया गया है। यह पहली बार है जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री को यह सम्मान प्रदान किया गया है। प्रधानमंत्री ने यह सम्मान पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से संघर्षरत देशों को समर्पित किया।
बाद में, प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स की नेशनल असेम्बली को संबोधित किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि दक्षिण विश्व, विशेष रूप से द्वीपीय राष्ट्र, जलवायु परिवर्तन से सबसे अधिक प्रभावित हैं। उन्होंने निष्पक्षता, उत्तरदायित्व और समानता के साथ जलवायु कार्रवाई का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यही जलवायु न्याय का मूल तत्व है। श्री मोदी ने डिजिटल नवाचार के क्षेत्रों में भारत-सेशेल्स सहयोग को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत छोटे द्वीपीय विकासशील देशों की चिंताओं पर सेशेल्स के साथ काम करना जारी रखेगा।
श्री मोदी ने कहा कि हिंद महासागर के लिए भारत के दृष्टिकोण में सेशेल्स का एक विशेष स्थान है और यह विश्वास पहले से कहीं अधिक मजबूत है। उन्होंने कहा कि हिंद महासागर भारत और सेशेल्स को अलग नहीं करता बल्कि दोनों देशों को जोड़ता है।
श्री मोदी ने कहा कि नेशनल असेम्बली को संबोधित करने वाला पहला भारतीय प्रधानमंत्री होना उनके लिए एक विशेष सम्मान है। उन्होंने सेशेल्स के सर्वोच्च सम्मान, “गार्जियन ऑफ ब्लू होराइज़न” के लिए राष्ट्रपति पैट्रिक हरमाइनी और सेशेल्स की जनता का आभार व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री मोदी, पूर्वी अफ्रीकी द्वीप राष्ट्र सेशेल्स की तीन दिवसीय यात्रा पर कल वहां की राजधानी विक्टोरिया पहुंचे।