विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा है कि पिछले 12 वर्ष के तकनीकी बदलाव के दौरान भारत प्रौद्योगिकी लेने वाले की बजाय प्रौद्योगिकी का नेतृत्व करने वाला बनकर उभरा है। उन्होंने दूरदर्शन न्यूज के साथ एक पोडकास्ट में आज यह टिप्पणी की।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि भारत तेजी से वैश्विक स्तर पर प्रौद्योगिकी के विकास में भागीदारी कर रहा है और नवाचार की दिशा में भविष्य तय कर रहा है। उन्होंने अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत के बढते कद का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ने अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, क्वांटम तकनीक और जैव प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में विशेष प्रगति हासिल की है। उन्होंने कहा है कि ये क्षेत्र वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के लिए सामूहिक रूप से आवश्यक वैज्ञानिक और तकनीकी आधार बना रहे हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की चर्चा करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि ए.आई. तकनीक स्वास्थ्य देखभाल, कृषि, संचार और जन सेवा के क्षेत्र में एक परिवर्तनकारी शक्ति बनकर उभर रही है। उन्होंने कहा कि भारत कुशलता में सुधार करने के लिए एआई युक्त प्रणाली और मानव विशेषज्ञता के बीच समन्वित तरीका अपनाकर चल रहा है।