भारत ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक पर अमरीका के सांसद की आपत्तियों को खारिज कर दिया है। नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा है कि यह देश का आंतरिक विधायी मामला है और इस पर निर्णय संसद करती है। उन्होंने कहा कि अमरीका सहित कई देशों में भी विदेशी धन के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए कानून लागू हैं।
भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के संबंध में श्री जयसवाल ने कहा कि भारत इस मुद्दे को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। उन्होंने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में स्थित भारतीय मिशन संबंधित देशों के नौवहन मंत्रालयों और समुद्री प्राधिकरणों के साथ लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि सहायता की आवश्यकता वाले लोगों के लिए चौबीस घंटे हेल्पलाइन संचालित की जा रही हैं। यह पिछले कई महीनों से लगातार काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में सुरक्षित और निर्बाध नौवहन तथा व्यापार के निर्बाध प्रवाह का लगातार समर्थन करता है। भारत ने सभी पक्षों से नागरिक बुनियादी ढांचा, जहाजों और नाविकों को निशाना नहीं बनाने की भी अपील की है।
पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब के बीच हुए रक्षा समझौते पर श्री जयसवाल ने कहा कि भारत इस घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है। पाकिस्तान और सोमालिया के बीच हाल में हुए रक्षा समझौते पर उन्होंने कहा कि भारत इन घटनाक्रमों पर लगातार नजर बनाए हुए है।