सितम्बर 15, 2026 10:30 अपराह्न | EAM S Jaishankar

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शांति और विकास हमेशा भारतीय कूटनीति के केंद्र में रहेंगे: विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बहुध्रुवीयता के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता पर बल देते हुए कहा है कि यह स्वतंत्र रुख और रणनीतिक स्वायत्तता में विश्वास से उत्पन्न होती है। आज नई दिल्ली में भारतीय विश्व मामलों की परिषद के रजत जयंती समारोह के समापन संबोधन में डॉ. जयशंकर ने विश्वास व्यक्त किया कि अशांत विश्व में भारत का उत्थान पहले से ही निर्धारित है। उन्होंने पिछले दशक में भारत की कूटनीति और देश की बढ़ती अर्थव्यवस्था तथा क्षमताओं को आकार देने वाले समकालीन रुझानों और वैश्विक भागीदारी पर इसके प्रभावों का उल्लेख किया। विदेश मंत्री ने कहा कि शांति और विकास हमेशा भारतीय कूटनीति के केंद्र में रहेंगे।