भारत ने ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण के 80 लाख टीकों का महत्वपूर्ण आंकड़ा पार कर लिया है। यह निवारक स्वास्थ्य देखभाल को मजबूत करने और एचपीवी संक्रमण और एचपीवी से जुड़े कैंसर से सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने कहा कि एचपीवी टीकाकरण पहल फरवरी 2026 में शुरू किए गए राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान के अंतर्गत की गई है।
मंत्रालय ने कहा कि गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और मिजोरम ने अपने निर्धारित लक्ष्यों का शत प्रतिशत कवरेज हासिल कर लिया है, जबकि बिहार, आंध्र प्रदेश और असम ने 90 प्रतिशत का आंकड़ा पार कर लिया है। 22 लाख से अधिक किशोरियों को टीका लगाकर उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक संख्या दर्ज की गई है।
मंत्रालय ने बताया कि सभी टीकाकरण सत्र चिकित्सा पर्यवेक्षण में आयोजित किए जाते हैं। टीकाकरण के बाद होने वाले दुर्लभ प्रतिकूल असर से निपटने के लिए 24 घंटे की व्यवस्था की गई है। अभियान की निगरानी यू-विन डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जा रही है और अब शेष पात्र लाभार्थियों तक पहुंचने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। मंत्रालय ने बताया कि यह अभियान माता-पिता की सहमति से 14 वर्ष की लड़कियों को मुफ्त और स्वैच्छिक एकल खुराक एचपीवी टीकाकरण प्रदान करता है। हर टीकाकरण भारत को अपनी बेटियों के लिए एक स्वस्थ और कैंसर मुक्त भविष्य के करीब लाता है।