भारत और रवांडा ने आपसी व्यापार को बढ़ाने के अपने संकल्प को दोहराया है। नई दिल्ली में हुई भारत-रवांडा संयुक्त व्यापार समिति की बैठक के पहले चरण में, दोनों पक्षों ने वस्तुओं और सेवाओं के आपसी व्यापार की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्ष आपसी व्यापार के दायरे को विविधतापूर्ण बनाने, व्यापारिक संबंधों को आसान बनाने और बाज़ार तक पहुँच से जुड़ी समस्याओं के निराकरण पर सहमत हुए।
मंत्रालय ने बताया कि भारत ने भारी इंजीनियरिंग सामान, फार्मास्यूटिकल्स और मेडिकल यंत्र, परिशोधित पेट्रोलियम उत्पाद, टेक्सटाइल, समुद्री उत्पाद, प्लास्टिक, खेल का सामान और खिलौने, रत्न और आभूषण तथा वैज्ञानिक उपकरणों के निर्यात को बढ़ाने की संभावनाओं पर ज़ोर दिया।
दोनों पक्षों ने दुर्लभ खनिज, स्वास्थ्य देखभाल और डिजिटल तकनीक के क्षेत्रों में सहयोग के लिए कई प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की। बातचीत में कृषि और कृषि प्रसंस्करण में सहयोग पर भी चर्चा हुई, जिसमें एवोकाडो, टेक्सटाइल और चमड़े के लिए बाज़ार तक पहुँच, ग्रीन मोबिलिटी, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, फिनटेक और साइबर सुरक्षा जैसे विषय शामिल थे। यह बैठक 30 और 31 जुलाई को आयोजित की गई थी।