अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष- आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने सम्पन्न और गरीब, दोनों देशों से कर्ज कम करने और बढ़ती असमानता से निपटने के लिए तेजी से कदम उठाने का आह्वान किया है। अगले सप्ताह बैंकॉक में होने वाली आईएमएफ-विश्व बैंक की बैठक से पहले सिंगापुर में उन्होंने कहा कि विश्व के देशों की सरकारों के पास आर्थिक चुनौतियों से निपटने के साधन हैं, लेकिन उन्हें बिना किसी देरी के आवश्यक नीतिगत निर्णय लेने की आवश्यकता है।
सुश्री जॉर्जीवा ने कहा कि पश्चिम एशिया और यूक्रेन में जारी संघर्षों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है जबकि ऊंची दरों के ऋण, विकसित और गरीब दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव डाल रहा है। उन्होंने ए.आई. के तेजी से होते विस्तार से उत्पन्न जोखिमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एआई, दुनिया की आर्थिक समृद्धि का एक प्रमुख चालक बन रहा है, लेकिन इसके लाभ सभी देशों तक समान रूप से नहीं पहुंच रहे हैं। जॉर्जीवा ने दुनियाभर के देशों से सार्वजनिक व्यय और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने तथा कमजोर वर्गों की सुरक्षा करने का भी आग्रह किया।