सितम्बर 3, 2026 4:01 अपराह्न

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गृह सचिव गोविंद मोहन ने बाढ़ और हिमस्खलन के खतरे से निपटने की तैयारियों की समीक्षा

गृह सचिव गोविंद मोहन ने आज संवेदनशील हिमनद झीलों और हिमस्खलन संभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जोखिम वाले समय में निगरानी व्यवस्था और मजबूत की जानी चाहिए। श्री मोहन ने नई दिल्ली में एक बैठक में हिमालयी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की हिमनद झीलों के फटने से आने वाली बाढ़ और हिमस्खलन के खतरे से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की।
 
बैठक में पूर्व चेतावनी, संवेदनशील हिमनद झीलों और बर्फ से ढके क्षेत्रों की निगरानी, अधिक जोखिम वाले स्थानों की पहचान, बाढ़ के संभावित प्रवाह मार्ग, समय पर चेतावनी जारी करना, सुरक्षित निकासी की तैयारी और राहत-बचाव व्यवस्था को मजबूत करने जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
 
गृह सचिव ने कहा कि तैयारी केवल आपदा के बाद की कार्रवाई तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसके लिए जोखिम आधारित योजना, पहले से बचाव के उपाय और स्थानीय समुदायों की तैयारी पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।उन्‍होंने राज्यों से केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2024 में स्वीकृत शमन परियोजनाओं में तेजी लाने को भी कहा।
 
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