गृह मंत्री अमित शाह ने आज नशे के खिलाफ एकजुट होकर युद्ध छेड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों का कारोबार देश की सुरक्षा, सामाजिक व्यवस्था, आर्थिक हितों और युवाओं के भविष्य के लिए बड़ा खतरा है। उन्होंने आध्यात्मिक नेताओं, युवाओं और माताओं से इस अभियान में मिलकर भाग लेने की अपील की।
श्री शाह ने नई दिल्ली में नार्को-कोऑर्डिनेशन सेंटर की दसवीं शीर्ष स्तरीय बैठक में कहा कि वर्ष 2004 से 2014 के बीच करीब 26 लाख किलोग्राम सिंथेटिक मादक पदार्थ जब्त किए गए थे। जबकि 2014 से 2026 के बीच यह मात्रा बढ़कर एक करोड़ 18 लाख किलोग्राम से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़े नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सरकार की लगातार कार्रवाई को दर्शाते हैं।
गृह मंत्री ने कहा कि स्वापक नियंत्रण ब्यूरो ने मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों की जानकारी समय पर साझा करने के लिए कई ऑनलाइन पोर्टल शुरू किए हैं। उन्होंने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों से इन पोर्टलों पर नशे से जुड़े मामलों की जानकारी तय समय सीमा के भीतर अपलोड करने को कहा।
उन्होंने कहा कि सूचना सही समय पर साझा करने से सरकार को मामलों की प्रभावी निगरानी और आवश्यक परामर्श देने में मदद मिलेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि मादक पदार्थों और इससे संबंधित तस्करी नेटवर्क के विरूध अभियान को सशस्त करने के लिए बेहतर समन्वय और तकनीक का प्रयोग आवश्यक है। बैठक के दौरान गृह मंत्री ने नाकोर्टिक्स कंट्रोल 2026-2029 पर एक दृष्टिकोण पत्र जारी किया। इसे विभिन्न पक्षों के साथ परामर्श के बाद तैयार किया गया है। इसमें उभरती चुनौतियों का भी उल्लेख है।
श्री शाह ने नशामुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक विस्तृत योजना भी रखी। इस बैठक का आयोजन स्वापक नियंत्रण ब्यूरो ने किया था। गृह मंत्री ने मादक पदार्थ निपटारा पखवाडे़ की भी शुरुआत की। इसमें दो लाख 9500 ग्राम से ज्यादा मादक पदार्थ नष्ट किए जाएंगे। इनकी अनुमानित कीमत 6,000 करोड़ रुपए है।