अक्टूबर 31, 2026 8:37 पूर्वाह्न

printer

केन्‍द्र ने विकसित भारत 2047 के लिए बैंकिंग क्षेत्र में सुधारों पर उच्चस्तरीय समिति गठित की

सरकार ने ‘विकसित भारत’ के लिए बैंकिंग पर एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है। इसका उद्देश्य देश के बैंकिंग क्षेत्र की समीक्षा करना और ‘विकसित भारत 2047’ के विजन के अनुरूप सुधारों की सिफारिश करना है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि यह समिति भारतीय बैंकिंग क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, वित्तीय रूप से समावेशी और मजबूत बनाने के लिए संरचनात्मक, संस्थागत, नियामक और विधायी सुधारों का सुझाव देगी। पूर्व केंद्रीय सतर्कता आयुक्त सुरेश एन. पटेल इस समिति की अध्यक्षता करेंगे।

भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर गिरीश चंद्र मुर्मु, इंडियन बैंक की पूर्व प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी पद्मजा चुंदुरु, और आरबीआई के पूर्व डिप्टी गवर्नर एन. एस. विश्वनाथन इसके सदस्य होंगे। वित्तीय सेवा विभाग में संयुक्त सचिव- बैंकिंग इसके सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे। इस समिति का कार्यकाल छह महीने का होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने इस साल अपने बजट भाषण में इस समिति के गठन की घोषणा की थी। समिति मौजूदा बैंकिंग कार्य प्रणालियों और विवेकपूर्ण मानदंडों का आकलन करेगी, वैश्विक स्तर की सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों की पहचान करेगी और जांचेगी कि क्या उन्हें भारतीय बैंकिंग प्रणाली में लागू किया जा सकता है।

यह क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और सहकारी बैंकों सहित बैंकों को नियंत्रित करने वाले मौजूदा नियामक और कानूनी ढांचे की भी समीक्षा करेगी। समिति बैंकिंग की कार्यक्षमता और सुगमता को बेहतर बनाने के लिए सुधारों का सुझाव देगी। बैंकिंग संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल नवाचारों को अपनाने के लिए कार्य योजना तैयार करेगी, साथ ही साइबर जोखिमों से बचाव के उपाय भी सुझाएगी।