स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा है कि देश में स्वास्थ्य सेवाओं का दृष्टिकोण उपचारात्मक मॉडल से विकसित होकर एक बुनियादी ढांचे में बदल रहा है। इस ढांचे में निवारक, पुनर्वास, उपशामक और वृद्धावस्था देखभाल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि देश में एक लाख 82 हजार से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्राथमिक केन्द्र के रूप में कार्य कर रहे हैं। वह आज पंजाब के बठिंडा में एम्स के दूसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे।
निवारक स्वास्थ्य सेवाओं पर बल देते हुए श्री नड्डा ने कहा कि पंचायतों, आशा कार्यकर्ताओं और अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से 30 वर्ष से अधिक आयु के सभी व्यक्तियों को नियमित जांच कराने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में तृतीयक सेवा, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को मजबूत करने में एम्स के योगदान की सराहना की।
श्री नड्डा ने बाल विकास और प्रारंभिक स्वास्थ्य सहायता केंद्र का शुभारंभ किया। यह केंद्र बच्चों में विकासात्मक विकारों और दिव्यांगजनों की प्रारंभिक पहचान, निदान और प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।