मध्य गुजरात क्षेत्र पर केंद्रित दो दिवसीय वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन का आज वडोदरा स्थित जीएसएफसी विश्वविद्यालय में प्रारंभ हुआ। सम्मेलन का उद्घाटन गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों एवं विद्युत मंत्री मनोहर लाल की उपस्थिति में हुआ।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने औद्योगिक विकास को गति देने में विद्युत क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने ने कहा कि सुदृढ़ योजना के कारण भारत ने इस ग्रीष्मकाल में 271 गीगावाट की रिकॉर्ड चरम बिजली मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया। उन्होंने बताया कि देश की विद्युत उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो 2014 में 236 गीगावाट से बढ़कर आज 542 गीगावाट हो गई है। उन्होंने आगे कहा कि डेटा केंद्रों, इलेक्ट्रिक वाहनों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विस्तार से प्रेरित 300 गीगावाट तक की भविष्य की मांगों को पूरा करने के लिए दूरदर्शी तैयारियां पहले से ही की जा रही हैं। उन्होंने 50 गीगावाट से अधिक की स्थापित क्षमता के साथ नवीकरणीय ऊर्जा में देश का नेतृत्व करने के लिए गुजरात की सराहना भी की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने उद्योगपतियों और लघु एवं मध्यम उद्यमों से गुजरात की नई औद्योगिक नीति का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया, ताकि विकास और नवाचार को बढ़ावा मिल सके। क्षेत्रीय अवसंरचना को बड़ा प्रोत्साहन देते हुए, अहमदाबाद और खेड़ा सहित पांच जिलों के लिए आठ नए स्मार्ट औद्योगिक एस्टेट की घोषणा की गई।
एक दिन पूर्व, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने वडोदरा में ‘पीएम ई-बस सेवा’ पहल के तहत 30 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और वाइब्रेंट गुजरात ट्रेड प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। इसमेंक्षेत्रीय लघु एवं मध्यम उद्यमों और उन्नत प्रौद्योगिकी स्टार्टअप्स के 150 से अधिक स्टॉल लगे हैं।