अक्टूबर 8, 2026 9:32 अपराह्न

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जीएसटी परिषद ने कर अधिकारियों का गिरफ्तारी का अधिकार खत्म किया, मुकदमा चलाने की सीमा 5 करोड़ रुपये की

वस्तु और सेवा कर – जीएसटी परिषद ने कर अधिकारियों का गिरफ्तारी का अधिकार समाप्त कर दिया है। परिषद ने मुकदमा चलाने की सीमा एक करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दी है। नई दिल्ली में आज जीएसटी परिषद की बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा कि परिषद ने जीएसटी के अंतर्गत गिरफ्तारी का अधिकार समाप्त करने और मुकदमा चलाने की सीमा को बढ़ाने की सिफारिश की थी।

जुर्माने और कारावास की सजा का निर्णय सक्षम अदालत के विवेक पर छोड़ दिया गया है। कर फाइलिंग में गलती या भुगतान करने में विलंब करने पर करदाता को वसूली, ब्याज और आनुपातिक जुर्माने का सामना करना पड़ेगा।

वित्त मंत्री ने बताया कि दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और दर संरचना तय हो चुकी है। उन्होंने कहा कि परिषद ने नोटिस और कार्यवाही के लिए सामान्य मानकों की सिफारिश की है। अब दस हजार रुपये की मौद्रिक सीमा से कम के नोटिस जारी नहीं किए जाएंगे और दस हजार रुपये से कम के लंबित नोटिसों को वापस लिया जाएगा।

सुश्री निर्मला सीतारामन ने कहा कि परिषद ने वस्तुओं का निरीक्षण और जब्ती केवल आपूर्ति करने वाले राज्य या गंतव्य राज्यों के अधिकारियों द्वारा कराने की सिफारिश की है। माल को केवल विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर और संयुक्त आयुक्त स्तर के अधिकारी की अनुमति के बाद ही जब्त किया जा सकेगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि परिषद ने पंजीकरण विवरणों में नियमित बदलावों को स्वत: स्वीकृति देने का निर्णय लिया है। करदाताओं द्वारा पंजीकरण रद्द करने की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। रिफंड दावों की पावती सीमा को 15 दिनों से घटाकर दस दिन कर दिया गया है। दस दिनों के भीतर कोई जवाब ना आने पर आवेदन को स्वीकृत मान लिया जाएगा। जोखिम मूल्यांकन के आधार पर, लगभग 90 प्रतिशत रिफंड दावों को पावती मिलने के सिर्फ तीन कार्यदिवसों के भीतर मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

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