भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-एआई के क्षेत्र में एक बड़ी पहल की है। सरकार ने कल तीन स्वदेशी एआई मॉडल का शुभारंभ किया। इनमें सॉकेट लैब्स का एका-1 और ज़ेन टेक आईक्यू के धीर-2बी और धीर-5बी मॉडल शामिल हैं। इस अवसर पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि इन मॉडल्स का शुभारंभ भारत में मजबूत एआई व्यवस्था बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि इन मॉडल्स का उपयोग साइबर सुरक्षा समेत कई क्षेत्रों में किया जा सकता है। इससे काम की गति और कार्यक्षमता बढ़ जाएगी। उन्होंने बताया कि ये एआई मॉडल्स बिना इंटरनेट वाले सुरक्षित कंप्यूटर नेटवर्क के लिए भी उपयोगी साबित हो सकते हैं। इससे सरकारी और अन्य संवेदनशील संस्थानों को काफी मदद मिलेगी। एका-1 मॉडल, 26.3 अरब मानकों के आधार पर तैयार किया गया है। इसे करीब 7.5 ट्रिलियन टोकन पर प्रशिक्षित किया गया है।
यह अंग्रेजी के साथ भारत की सभी 22 अनुसूचित भाषाओं में काम कर सकता है। इसके जरिए गणित, कोडिंग और तर्क से जुड़े काम किए जा सकते हैं। वहीं, धीर-2बी और धीर-5बी मॉडल बिना इंटरनेट के भी दस्तावेजों से जानकारी ले सकेंगे और कई काम आसान बनाएंगे। इनका उपयोग रक्षा, सरकारी सेवाओं, उद्योग और शिक्षा के क्षेत्र में किया जा सकेगा।