सरकार ने दिशा कार्यक्रम- ‘न्याय तक समग्र पहुंच के लिए नये समाधानों की तलाश’ के दूसरे चरण को मंजूरी दे दी है। यह कार्यक्रम इस वर्ष पहली अप्रैल से 31 मार्च 2031 तक पांच वर्ष की अवधि के लिए नये रूप में लागू किया जाएगा। विधि और न्याय मंत्रालय ने एक वक्तव्य में कहा है कि कार्यक्रम के दूसरे चरण के लिए कुल 255 करोड़ रुपये का परिव्यय मंजूर किया गया है। इसके लिए सरकार शत प्रतिशत बजटीय सहायता प्रदान करेगी।
मंत्रालय ने कहा है कि दिशा का दूसरा चरण युक्तिसंगत और पुनर्गगठित कार्यक्रम है जिसे एक नये घटक विधि संजीवनी यानी समन्वित कानूनी उपायों के एकीकृत वितरण के लिए विजन के साथ शुरू किया गया है। इसमें न्याय प्रदान करने में प्रौद्योगिकी सक्षम वितरण के लिए केंद्रीकृत डिजीटल प्लेटफॉर्म और एआई संचालित न्याय सेतु चैटबोट का उपयोग किया जाएगा।
मंत्रालय ने बताया है कि दिशा के दूसरे चरण में चार घटक हैं और इसे सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में अखिल भारतीय स्तर पर शुरू किया जाएगा। इस कार्यक्रम के सभी चारों घटकों में कुल मिलाकर तीन करोड़ लाभार्थियों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। इसे न्याय विभाग के सचिव नीरज वर्मा की अध्यक्षता वाली स्थाई वित्त समिति की बैठक में मंजूरी दी गई।