विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों-एफपीआई ने जुलाई के तीन शुरूआती कारोबारी सत्रों में लिवाली का रूख बनाए रखा और इस महीने अब तक 708 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर खरीदे। जून में उन्होंने भारतीय शेयर बाजार से 49 हजार 340 करोड़ रुपये निकाले थे, लेकिन अब यह रूख उलटता हुआ दिखाई दे रहा है।
लेकिन भारतीय ऋण बाजार में एफपीआई ने पिछले महीने काफी दिलचस्पी दिखाई थी। जेनरल लिमिट के तहत उन्होंने 30 हजार 620 करोड़ रुपये, एफएआर के जरिये 21 हजार 652 करोड़ रुपये और वीआरआर के तहत तीन हजार 246 करोड़ रुपये का निवेश किया।
सरकारी प्रतिभूतियों में विदेशी संस्थागत निवेशकों को कैपिटल गेन्स और ब्याज से होने वाली आय पर मिली छूट से और निवेश की सीमा हटाए जाने से भारतीय ऋण बाजार में विदेशी निवेश बढ़ा है। कुल मिलाकर जून में भारतीय पूंजी बाजार में एफपीआई ने चार हजार छह सौ उनहत्तर करोड़ रुपये का निेवेश किया है। उससे पहले के तीन महीनों में उन्होंने भारतीय बाजार से पैसे निकाले थे।