बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि कानूनी मामलों, मौत की सजा और अवामी लीग की राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध के बावजूद वह इस साल के अंत तक बांग्लादेश लौटेंगी। एक टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में हसीना ने अपने खिलाफ चल रहे मामलों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार न्यायपालिका का इस्तेमाल कर अवामी लीग को देश की राजनीति से बाहर करने का प्रयास कर रही है।
शेख हसीना ने कहा कि उनके पद से हटाए जाने के बाद से बांग्लादेश में लोकतंत्र, कानून का शासन और अल्पसंख्यक अधिकार और कमजोर हुए है, जबकि उग्रवाद और राजनीतिक असहिष्णुता में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा है कि धार्मिक अल्पसंख्यकों और सांस्कृतिक संस्थानों पर हमले बढ़े हैं और बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के आदर्शों से दूर जा रहा है।
पूर्व प्रधानमंत्री ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए आधारभूत ढांचे के विकास, गरीबी में कमी, बिजली पहुंच के विस्तार और आर्थिक प्रगति की बात कही। सुश्री हसीना ने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के साथ गुप्त बातचीत की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि अवामी लीग का भविष्य पूरी तरह से जनता के समर्थन पर निर्भर करेगा।