नवम्बर 1, 2026 8:58 अपराह्न

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विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बहरीन में आयोजित 22वें IISS मनामा डायलॉग क्षेत्रीय सुरक्षा सम्मेलन में भारत का दृष्टिकोण रखा

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने संघर्ष के बजाय कूटनीति, टकराव के बजाय सहयोग, समुद्री यात्रियों और जहाजरानी की सुरक्षा तथा अंतरराष्ट्रीय कानूनों, विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि-यूएनसीएलओएस के संरक्षण को प्राथमिकता देने पर बल दिया है। उन्होंने बहरीन में आयोजित 22वें आईआईएसएस मनामा डायलॉग क्षेत्रीय सुरक्षा सम्मेलन के पांचवें पूर्ण सत्र में भारत का दृष्टिकोण रखा। इस सत्र का विषय था – ‘समुद्री सुरक्षा में निर्णायक बदलाव का दौर’। तीन दिन के इस सम्मेलन में दुनिया भर के मंत्रियों और वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया।

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