विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने आज नई दिल्ली में पश्चिम एशिया के साथ भारत के संबंधों पर संसद की परामर्शदात्री समिति की बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक के दौरान, डॉ. जयशंकर ने खाड़ी, पश्चिम एशिया और उत्तर अफ्रीका क्षेत्र के साथ भारत के घनिष्ठ संबंधों का उल्लेख किया। इसमें व्यापार, निवेश, ऊर्जा, समुद्री और जन-से-जन (पीपल-टू-पीपल) के क्षेत्रों में दीर्घकालिक साझेदारियों और सहयोग का उल्लेख किया गया।
डॉ. जयशंकर ने क्षेत्र में जारी संघर्ष के माहौल के बीच भारत के प्रयासों को रेखांकित किया और कहा कि इस क्षेत्र में रहने वाले एक करोड़ भारतीयों के कल्याण को सुनिश्चित करने के साथ-साथ देश के लिए ऊर्जा और उर्वरक सुरक्षा को पुख्ता करना तथा व्यापार और संपर्क को आगे बढ़ाना हमारी प्राथमिकता है।