जुलाई 23, 2026 5:27 अपराह्न | External Affairs Minister Dr S Jaishankar

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विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर: अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग सुरक्षित और निर्बाध रहने चाहिए

भारत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग सुरक्षित और निर्बाध रहने चाहिए और पश्चिम एशिया संघर्ष को समाप्त करने के लिए संवाद और कूटनीति का आह्वान किया। मनीला में 21वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में विदेश मंत्री सुब्रह्मण्‍यम जयशंकर ने कहा कि नाविकों, नागरिक जहाजों या बुनियादी ढांचे पर हमले किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जा सकते। उन्‍होंने कहा कि वैश्विक व्यवस्था अनिश्चित और अस्थिर है। यहां परस्पर निर्भरता और साझा हित प्रतिस्पर्धा और प्रतिद्वंद्विता के साथ-साथ मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि विश्व अर्थव्यवस्था कई संघर्षों के प्रभाव से जूझ रही है। डॉ. जयशंकर ने आसियान की केंद्रीयता, क्षेत्रीय स्थिरता और एक स्वतंत्र, खुले और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र की प्राप्ति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। दक्षिण चीन सागर के मुद्दे पर उन्‍होंने संयुक्त राष्ट्र समुद्री सीमा समझौते के पूर्ण अनुपालन में एक ठोस, प्रभावी और कानूनी रूप से बाध्यकारी आचार संहिता के निष्कर्ष के लिए भारत के समर्थन को दोहराया। यह सभी उपयोगकर्ताओं के वैध अधिकारों का उल्लंघन न करे। उन्होंने म्यांमा मुद्दे के राजनीतिक समाधान के लिए भारत के रुख की पुष्टि की।

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