पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने स्थानीय जैव विविधता और पारंपरिक ज्ञान के दस्तावेजीकरण के लिए स्थानीय स्तर पर योजना बनाने की जरूरत पर बल दिया है। चंडीगढ़ में राज्य जैव विविधता बोर्डों और केंद्र शासित प्रदेशों की जैव विविधता परिषदों की राष्ट्रीय बैठक में उन्होंने ये बात कही। श्री यादव ने कहा कि जन जैव विविधता रजिस्टरों को स्थानीय निकायों के लिए प्रभावी योजना बनाने का माध्यम बनाया जाना चाहिए। इससे स्थानीय जैव विविधता और उससे जुड़े पारंपरिक ज्ञान का इस्तेमाल स्थानीय विकास और टिकाऊ विकास में किया जा सकेगा।
श्री यादव ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से जैव विविधता संशोधन अधिनियम 2023 और जैव विविधता नियम 2024 के अनुरूप अपने नियमों और संस्थागत व्यवस्थाओं को तैयार करने का आग्रह किया। उन्होंने मिशन लाइफ, एक पेड़ मां के नाम, अमृत सरोवर और ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम जैसी पहलों का भी उल्लेख किया।