मई 29, 2026 2:49 अपराह्न

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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का परीक्षा माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई और योग्य छात्रों के हितों की सुरक्षा का आश्वासन

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पेपर लीक की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और ऐसा नहीं होना चाहिए था। डीडी न्यूज़ को दिए एक विशेष साक्षात्कार में श्री प्रधान ने आश्वासन दिया कि पुनर्परीक्षा प्रक्रिया उचित और व्यवस्थित तरीके से बिना किसी त्रुटि के संपन्न की जाएगी। उन्होंने इस कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने में सभी से सहयोग की अपील भी की।

छात्रों को संबोधित करते हुए श्री प्रधान ने उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार उनकी चिंताओं को समझती है। उन्‍होंने स्वीकार किया कि छात्रों के विश्वास को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने यह कड़ा निर्णय इसलिए लिया है क्योंकि वे नहीं चाहते कि किसी भी योग्य छात्र का भविष्य परीक्षा माफियाओं के हाथों में पड़े या अनियमितताओं का शिकार हो। गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

श्री प्रधान ने आश्वासन दिया कि परीक्षा प्रक्रिया को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच त्रुटि रहित परीक्षा आयोजित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

परीक्षा प्रक्रिया में भविष्य में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए उठाए जा रहे ठोस कदमों के बारे में बात करते हुए श्री प्रधान ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो – सीबीआई इस मामले की पूरी जांच करे और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड- सीबीएसई के पुनर्मूल्यांकन पोर्टल में हाल ही में आई तकनीकी खराबी को लेकर जताई गई चिंताओं का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि सीबीएसई छात्रों के लिए एक पारदर्शी और त्रुटिरहित डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया सुनिश्चित करते हुए सभी तकनीकी समस्याओं को हल करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पुनर्मूल्यांकन आवेदनों के लिए भुगतान गेटवे प्रणाली को मजबूत करने के लिए बोर्ड ने अब एक बैंक पर निर्भर रहने के बजाय, भारतीय स्टेट बैंक, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक सहित चार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को शामिल किया है।

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